काश कि ऐसा होता...

ख्वाब वो भी हमारे देख लेते तो अच्छा था...
तस्वीर मैं हमे भी अपनी बसा लेते तो अच्छा था,,

समन्दर की गहराइयाँ जो हम होते तो अच्छा था...
कुछ यूँ ही मुझमे वो डूब जाते तो अच्छा था,,

सिवाए उनके कोई पास ना हमारे आता तो अच्छा था...
सफ़र जज़्बात ऐ कश्तियों मैं मेरी वो कर जाते तो अच्छा था,,

इस कदर मुझमें मोतियों सा वो बिखर जाते तो अच्छा था...
हार मोतियों का बनाकर उन्हे हम पहन लेते तो अच्छा था,,

काश कि अमृत सा उनके लिये हम बन जाते तो अच्छा था...
पीकर हमे खुद मैं ही बसा वो लेते तो अच्छा था,,









    

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