पंछियो की तरह ये जीवन तेरा-मेरा...

पंछियो की तरह घर से निकल जायेंगे हम,
कि शाम तक लौटने की दुआओं के साथ..

दाना तेरा और मेरा किस्मत मै जो है, चुग लाएंगे हम...
धूप हो चाहे हो बारिश, पेट भरने को काम तो कर आयेंगे हम ।

मौसम है इस शहर का कुछ अजनबी सा,
की शाम तक कोशिश है घर लौट आयेंगे हम...

जीवन तेरा और मेरा ये पंछी की तरह है,
कि दुआ है शाम तक लौट आयेंगे हम ...




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