तुम नही मिल सकती अब प्रिये...

ढूंडने से तो भगवान भी मिल जाते है
मगर तुम नही मिल सकती अब प्रिये,

तुम हो चुकी हो किसी और की,
ये सच्चाई दिल से झुटला सकता नही मै प्रिये,

वो मंजर और होता कि तुम आ सकती,
मेरे दिल को प्रेम से अपने महका सकती !!

हां तुम भगवान नही हो प्रिये, जो मिल सको इबादत मैं मुझे ,
क्यूंकि तुम थी मेरी प्रिये, पर अब हो किसी और का प्रेम प्रिये!!

ढूंडने से तो भगवान भी मिल जाते है
मगर तुम नही मिल सकती अब प्रिये....

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