नज़र अंदाज मत करना...



















कभी नज़र अंदाज मत करना...
किसी पिता के बहते आँसू को,
किसी माँ की छुपी आह को,,
बड़ा दर्द छिपा होता है इनकी हिम्मत मै भी...
जब मुस्कुराकर बेटी का तुमसे विवाह करते है...
प्यार से घर तुम्हारे विदा करते है...

कभी नज़र अंदाज मत करना...
उन माता-पिता की इच्छाओ का,
जो बेटी तुम्हे देकर तुमसे रखते है,,
बेटी की उनकी सदा खुश रखना...
करते है जैसे वो प्रेम बेटी से...
तुम भी उनकी बेटी से प्रेम रखना...

कभी नज़र अंदाज मत करना...
बेटी के माता-पिता के सम्मान को,
जो उनका है स्वाभिमान उनकी बेटी को,,
तुमसे उनकी उम्मीदो को...
कभी नज़र अंदाज मत करना...
कभी नज़र अंदाज मत करना...





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