जो तुम आओ तो...

हाल-ए-दिल बयाँ कर दें ,
ज़ख्म खुद्के खुद से ही भर दें ,
जो तुम आओ तो...

गर्म रेत भी ठण्डी कर दें ,
उस तपिश को बारिश कर दें ,
जो तुम आओ तो...

धरती बंजर हरी कर दें ,
घाटी वो फिर फूलो सी कर दें ,
जो तुम आओ तो...

इस घर को मन्दिर कर दें ,
बुझते दिये को फिर भर दें ,
जो तुम आओ तो...

आँखो मै चमक कर दें ,
होंठो पर हँसी कर दें ,
जो तुम आओ तो...

फूलों मै महक कर दें ,
भवरों को अमर कर दें ,
जो तुम आओ तो...









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