तुझसे दूर नही हूँ मैं...

तुझसे दूर नही हूँ मैं...
तेरे पास तेरे करीब हूँ मै,,
दिल का तेरा एहसास हूँ मैं...
सावन की घनघोर घटा बरसती है जब,
वो तेज बरसता पानी हूँ मैं...
तुझसे दूर नही हूँ मैं...
जो सरसराहट से गुजर जाती है तुझे छूकर,
वो तेज हवा का झौंका हूँ मैं...
तेरे मखमल से पैरो तले जो दबती है,
वो हरी दूब की घांस हूँ मैं...
तुझसे दूर नही हूँ मैं...
कहर बरसाती उस धूप मै भी,
वो ठंडी-ठंडी छाँव हूँ मैं...
दुख जब तुझको बड़ा रुलाये,
सुख की तेरी उम्मीद हूँ मैं...
तुझसे दूर नही हूँ मैं...
तेरे लबों पर जो रुक-रुक कर आये,
वो मन्द-मन्द मुस्कान हूँ मैं...
जो धड़कता है तेरे दिल मै,
उस दिल का अरमान हूँ मैं...
तुझसे दूर नही हूँ मैं...
तुझसे दूर नही हूँ मैं...













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