कुछ नया नही रहा जिन्दगी मै उनकी...
कुछ नया नही रहा जिन्दगी मै उनकी अब
हज़ार बार बस एक ही तस्वीर
दीवार पर वो अपनी लगा लेते है...
जहर दिल मै छिपाकर मेरे लिये
ना चाहते हुये भी जब
वो जमाने मै यूँ मुस्कुरा लेते है...
मेरे आस्तित्व को मिटाने की कोशिश मै
वो खुद को जलाकर
और भी जमाने मै बद्नाम हो लेते है...
अब कौन समझाये उस नासमझ को
जहर जो मेरे लिये समेटे है
उस जहर मै वो खुद को ही मिटा लेते है...
कुछ नया नही रहा जिन्दगी मै उनकी अब
हज़ार बार बस एक ही तस्वीर
दिवार पर वो अपनी लगा लेते है...

Comments