राज़ छुपाकर रक्खा है...
इक राज़ छुपाकर रक्खा है... इस दिल मै दबाकर रक्खा है... जो शामिल नही जिन्दगी मै मेरी, उस शख्स को शामिल रक्खा है... मिली नही मुहब्बत जिसकी, मेरी मुहब्बत को उसके लिये रक्खा है... इक राज़ छुपाकर रक्खा है... इस दिल मै दबाकर रक्खा है... चाहा नही जिसने हमे कभी, अपनी चाहत को उसके लिये रक्खा है... बेवफाई से उसका नाता सही, मेरा दिल वफ़ा का उसके लिये रक्खा है... जो छोड़कर मुझे अँधेरों मै गया, मेरे दिल मै उजाला उसके लिये रक्खा है... इक राज़ छुपाकर रक्खा है... इस दिल मै दबाकर रक्खा है... मेरे दिल को जिसने दिल ना समझा, उसके नाम को सीने मै दबाकर रक्खा है... इक राज़ छुपाकर रक्खा है... इक राज़ छुपाकर रक्खा है... _KD...